गिरिडीह :- झारखंड के पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश पर गिरिडीह जिले के पारसनाथ जोन में नक्सल विरोधी अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा-209 बटालियन की संयुक्त टीम ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) के शीर्ष कमांडर एवं 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ मोचू उर्फ टाइगर को गिरफ्तार किया है।
अजय महतो के खिलाफ झारखंड के विभिन्न जिलों में हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षा बलों पर हमले तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित 240 से अधिक मामले दर्ज हैं।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
17 जुलाई 2026 को गिरिडीह पुलिस को खुखरा थाना क्षेत्र के हरलाडीह ओपी अंतर्गत जंगलों में नक्सलियों की गतिविधि की गुप्त सूचना मिली। इसके बाद पुलिस महानिरीक्षक (अभियान), झारखंड एवं आईजी (सीआरपीएफ) के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार और कोबरा-209 बटालियन के कमांडेंट सौरभ भटनागर ने संयुक्त अभियान की योजना बनाई।
अभियान का नेतृत्व अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) सुरजीत कुमार तथा कोबरा-209 के कंपनी कमांडर आकिफ अहमद बानी ने किया। संयुक्त टीम ने तकनीकी एवं मानव सूचना के आधार पर ग्राम पिपराडीह (टोला-खवासटांड़) के घने जंगलों की घेराबंदी कर भागने की कोशिश कर रहे अजय महतो को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार नक्सली का परिचय
- नाम: अजय महतो उर्फ मोचू उर्फ अंजन दा उर्फ टाइगर उर्फ बुधराम उर्फ श्रीकांत उर्फ बासुदेव
- पिता: स्व. चांदो महतो उर्फ प्रेमचंद महतो
- निवासी: नवाडीह, थाना पीरटांड़, जिला गिरिडीह
- पद: स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) सदस्य, भाकपा (माओवादी)
- इनाम: ₹25 लाख
आपराधिक इतिहास
अजय महतो वर्ष 2005 से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था। शुरुआत में वह दस्ता सदस्य रहा और बाद में संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हुए लेवी वसूली, हथियार एवं विस्फोटक जुटाने, सुरक्षा बलों पर हमले और बड़ी नक्सली घटनाओं को अंजाम देने में शामिल रहा।
उसके खिलाफ गिरिडीह सहित पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा), बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, चतरा, रामगढ़ और सरायकेला समेत कई जिलों में हत्या, आईईडी ब्लास्ट, रेलवे ट्रैक उड़ाने, सरकारी भवनों को विस्फोट से उड़ाने, ग्रामीणों की हत्या तथा सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमले जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।
दर्ज मामलों की संख्या
- गिरिडीह – 68
- पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) – 107
- बोकारो – 37
- धनबाद – 15
- हजारीबाग – 7
- चतरा – 2
- रामगढ़ – 2
- सरायकेला – 2
कुल मामले – 240
पुलिस का बयान
गिरिडीह पुलिस के अनुसार यह गिरफ्तारी पारसनाथ क्षेत्र और पूरे झारखंड को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे माओवादी संगठन के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। पुलिस लगातार नक्सल विरोधी अभियान चला रही है और क्षेत्र में शांति एवं विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पुलिस ने नक्सली संगठनों से जुड़े लोगों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर सरकार की आत्मसमर्पण नीति “नई दिशा – एक नई पहल” का लाभ उठाएं और मुख्यधारा से जुड़कर सामान्य जीवन व्यतीत करें।
अभियान में शामिल प्रमुख अधिकारी
- सुरजीत कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान), गिरिडीह
- आकिफ अहमद बानी, असिस्टेंट कमांडेंट, कोबरा-209
- शुभम फले, असिस्टेंट कमांडेंट, कोबरा-209
- मेघराज राउत, इंस्पेक्टर, कोबरा-209
- अरुण शर्मा, सब-इंस्पेक्टर, कोबरा-209
- जितेंद्र कुमार सिंह, थाना प्रभारी, पीरटांड़
- दीपेश कुमार, थाना प्रभारी, मधुबन
- रविंद्र कुमार, थाना प्रभारी, खुखरा
- नीरज कुमार, ओपी प्रभारी, हरलाडीह
- नरेंद्र कुमार यादव, खुखरा थाना
- कोबरा-209 बटालियन एवं गिरिडीह जिला पुलिस के जवान






