राँची:-दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का पहला दिन संपन्न, कला प्रतियोगिता और डीसी हैंडीक्राफ्ट, लघु कुटिल उद्योग और वाई बी एन प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने लिया भाग
रांची। वाईबीएन विश्वविद्यालय, रांची के संगीत एवं प्रदर्शन कला विभाग की ओर से IQAC के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का पहला दिन सोमवार को संपन्न हुआ। कार्यशाला का विषय “श्रावण मास की सांस्कृतिक विरासत : साहित्य, कला एवं संगीत” है। कार्यक्रम का आयोजन 24 और 25 अगस्त को द अंजुरम ग्रैंड ऑडिटोरियम में किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, शिव वंदना और कथक नृत्य की प्रस्तुति से हुआ। उद्घाटन सत्र में विभागाध्यक्ष सह संयोजक डॉ. रूपा सिन्हा और संगीत की छात्रा मधुश्री ने “वाइब्रेशनल हीलिंग” पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर डॉ. रूपा सिन्हा ने स्वागत भाषण दिया।
लोक और शास्त्रीय संगीत पर चर्चा

कार्यशाला के तकनीकी सत्र में डॉ. रूपा सिन्हा और डॉ. शीतल उरांव ने मल्हार, कजरी, झूला और सावन गीतों पर शास्त्रीय गायन कार्यशाला आयोजित की। मुख्य अतिथि पद्मश्री मधु मंसूरी ने सावन और लोक संस्कृति से जुड़े विषयों पर विशेष व्याख्यान दिया।
डॉ. मधुमंती ने सावन की जैव-सांस्कृतिक कथा पर विचार रखे। वाराणसी से आए वेदविभूषण आचार्य हिसाथ मिश्रा ने सामवेदीय संगीत परंपरा की जानकारी दी। कुलपति डॉ. सत्यदेव पोद्दार, SIRD रांची के श्री राजीव रंजन, डॉ. योगेश महतो और डॉ. आरती गुप्ता ने वर्षा ऋतु, नागपुरी लोक संगीत तथा साहित्य और संगीत के अंतर्संबंधों पर व्याख्यान दिया।
कला प्रतियोगिता और प्रदर्शनी आयोजित
कार्यशाला के दौरान सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक कला प्रतियोगिता और कला दीर्घा का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सावन, वर्षा और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े विषयों पर कलाकृतियां प्रस्तुत कीं। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः 2,000, 1,100 और 500 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
कार्यक्रम के संरक्षक चेयरमैन श्री रामजी यादव, कुलपति डॉ. सत्यदेव पोद्दार और सीएमडी डॉ. अंकिता यादव हैं। डॉ. रूपा सिन्हा कार्यशाला की संयोजक हैं।
दूसरे दिन होगा ‘सावन महोत्सव’
कार्यशाला के दूसरे दिन प्रख्यात संतूर वादक चिरादिप सरकार ‘द वॉयस ऑफ सावन’ विषय पर प्रस्तुति देंगे। रांची विश्वविद्यालय की पूर्व संकायाध्यक्ष प्रो. डॉ. सरस्वती मिश्रा सावन मास के सौंदर्यशास्त्रीय महत्व पर व्याख्यान देंगी।
दोपहर 12:30 बजे से शाम चार बजे तक ‘सावन महोत्सव—रंग, राग, रौनक’ का आयोजन होगा। इसमें पारंपरिक खेल, नाटक, नृत्य, मेहंदी प्रतियोगिता और कला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन मिस पिंकी और सुश्री निकिता तिवारी के नेतृत्व में होगा। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने रांची और आसपास के विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों तथा सरकारी विभागों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।





