विश्वविद्यालय स्तरीय प्री-आरडी चयन कैंप में चार स्वयंसेवकों का चयन

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रांची। वाई.बी.एन. विश्वविद्यालय के NSS विंग द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में राज्य स्तरीय प्री-रिपब्लिक डे (Pre-RD) परेड कैंप के लिए विश्वविद्यालय स्तरीय चयन प्रक्रिया का आयोजन किया गया। इस चयन प्रक्रिया का उद्देश्य प्रतिभावान एवं योग्य NSS स्वयंसेवकों का चयन कर उन्हें राज्य स्तरीय प्री-आरडी परेड के लिए तैयार करना था।
चयन प्रक्रिया में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से कुल 22 NSS स्वयंसेवकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों की शारीरिक दक्षता, अनुशासन, परेड एवं मार्च-पास्ट, दौड़, सांस्कृतिक प्रतिभा, साक्षात्कार तथा मानसिक एवं नेतृत्व क्षमता सहित विभिन्न चरणों में मूल्यांकन किया गया। सभी चयन प्रक्रियाएं विशेषज्ञों की देखरेख एवं उनके मार्गदर्शन में संपन्न हुईं।
कठिन एवं प्रतिस्पर्धात्मक चयन प्रक्रिया के बाद कुल चार NSS स्वयंसेवकों का राज्य स्तरीय प्री-आरडी कैंप के लिए चयन किया गया, जिसमें दो पुरुष एवं दो महिला स्वयंसेवक शामिल हैं। चयनित स्वयंसेवक आगामी राज्य स्तरीय प्री-रिपब्लिक डे परेड कैंप में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगे।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव श्री संजय तिवारी, NSS समन्वयक डॉ. कौशल किशोर, HR डॉ. ज्योति मिश्रा, NSS कार्यक्रम पदाधिकारी श्री उत्सव चक्रवर्ती, कथक प्रशिक्षक डॉ. शीतल उरांव, खेल प्रभारी श्री सुमित कच्छप, पैरामेडिकल सदस्य श्री संतोष कुमार, डॉ. अभा नूतन कुजूर, सुश्री मोनिका एक्का, श्री संतोष कुमार एवं श्री रोहित कुमार सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं NSS पदाधिकारियों ने चयनित स्वयंसेवकों को बधाई देते हुए उन्हें अनुशासन, नेतृत्व, शारीरिक दक्षता, टीम भावना एवं राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। विशेषज्ञों ने भी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करते हुए राज्य स्तरीय प्री-आरडी कैंप के लिए आवश्यक तैयारियों पर विशेष जोर दिया।
NSS समन्वयक डॉ. कौशल किशोर ने कहा कि इस प्रकार की चयन प्रक्रिया विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय स्तर के मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करती है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में NSS टीम, खेल विभाग, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों एवं विश्वविद्यालय के संबंधित पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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