रांची, 29 जुलाई 2026: झारखंड के बहुचर्चित शराब प्रकरण की जांच अब और तेज हो गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) राज्य की उत्पाद नीति, शराब आपूर्ति व्यवस्था, झारखंड स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) की प्रक्रियाओं तथा उनसे जुड़ी कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की गहन जांच कर रहा है।
ACB के अनुसार जांच के दौरान पहले दर्ज किए गए बयानों का उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है। जहां भी किसी तथ्य के संबंध में स्पष्टीकरण की आवश्यकता महसूस हो रही है, संबंधित अधिकारियों और व्यक्तियों को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है।
इसी क्रम में ACB ने 4 अगस्त 2026 को तीन पूर्व अधिकारियों को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। इनमें तत्कालीन संयुक्त आयुक्त (उत्पाद विभाग) गजेन्द्र सिंह, तत्कालीन महाप्रबंधक (वित्त), JSBCL सुधीर कुमार दास तथा तत्कालीन उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश शामिल हैं। इनसे पूर्व में दर्ज बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आवश्यक स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
जांच एजेंसी टेंडर प्रक्रिया के हर पहलू की पड़ताल कर रही है। इसमें टेंडर की शर्तें, समय-समय पर किए गए बदलाव, संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं की भूमिका तथा टेंडर में भाग लेने वाली कंपनियों की पूरी प्रक्रिया की जांच शामिल है।
इसके अलावा बैंक गारंटी, भुगतान, सरकारी राजस्व की वसूली, वित्तीय दायित्वों और रिकॉर्ड की भी बारीकी से जांच की जा रही है। ACB यह भी पता लगा रहा है कि कहीं प्रक्रिया में किसी प्रकार की कमी के कारण सरकारी राजस्व को नुकसान तो नहीं हुआ।
शराब आपूर्ति, दुकानों के संचालन, नकद संग्रह, बैंक में राशि जमा कराने, ऑडिट, राजस्व वसूली और संबंधित बैठकों के रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों और उनके अनुपालन का भी परीक्षण किया जा रहा है।
ACB ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, तथ्यपरक और साक्ष्य-आधारित तरीके से की जा रही है। किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर कोई निष्कर्ष केवल उपलब्ध दस्तावेजों, बयानों और अन्य साक्ष्यों के समग्र परीक्षण के बाद ही निकाला जाएगा। ब्यूरो का उद्देश्य पूरे मामले की प्रत्येक कड़ी की स्वतंत्र जांच कर तथ्यों को सामने लाना तथा जांच की शुचिता और विश्वसनीयता बनाए रखना है।






