रांची, 4 अगस्त। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड आंदोलन के महानायक, पद्म भूषण से सम्मानित एवं दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर मंगलवार को मोरहाबादी स्थित उनके आवास पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके संघर्षपूर्ण जीवन, योगदान तथा आदर्शों को याद किया।
इस अवसर पर दिवंगत शिबू सोरेन की धर्मपत्नी रूपी सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरु ने अपना संपूर्ण जीवन झारखंड और यहां के लोगों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया। आज उन्हें पूरे राज्य में श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड वीरों की भूमि है, जहां लोगों ने अपने हक और अधिकारों के लिए हमेशा संघर्ष किया है। इस संघर्ष में अनेक वीर सपूतों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिन्हें राज्य सदैव श्रद्धापूर्वक नमन करता है।
उन्होंने कहा कि भले ही दिशोम गुरु आज हमारे बीच भौतिक रूप से नहीं हैं, लेकिन उनका संघर्ष, विचार और योगदान सदैव अमर रहेगा। उन्होंने अपना जीवन झारखंड के मूलवासियों, आदिवासियों, वंचितों और शोषितों के अधिकारों की रक्षा तथा उनके उत्थान के लिए समर्पित किया। उनके सपनों को साकार करना और उनके आदर्शों के अनुरूप राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशोम गुरु का त्याग, संघर्ष और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने झारखंड आंदोलन के सभी वीर शहीदों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को नमन किया।






