रामगढ़, 4 अगस्त। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, पद्म भूषण से सम्मानित एवं दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर मंगलवार को रामगढ़ जिले के नेमरा (लुकैयाटांड़) स्थित सोना सोबरन +2 उच्च विद्यालय परिसर में उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर आयोजित विकास मेला-सह-पारितोषिक वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हुए और श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने अपनी धर्मपत्नी विधायक कल्पना सोरेन, माता रूपी सोरेन तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ दिशोम गुरु को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान क्षेत्र को 105.2 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात भी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह दिन उनके परिवार के साथ-साथ पूरे झारखंड, विशेषकर आदिवासी, दलित, पिछड़े और शोषित समाज के लिए अत्यंत भावुक है। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु ने अलग झारखंड राज्य के निर्माण के लिए अपना पूरा जीवन संघर्ष में समर्पित किया और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लुकैयाटांड़ में स्थापित प्रतिमा का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संघर्ष और विरासत से जोड़ना है। उन्होंने समाज में एकजुटता, भाईचारे और आपसी सम्मान को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए युवाओं से सही दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि झारखंड वीरों की भूमि है, जहां धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, निर्मल महतो, विनोद बिहारी महतो और दिशोम गुरु शिबू सोरेन जैसे महानायकों ने समाज और राज्य के लिए ऐतिहासिक योगदान दिया। उनके संघर्ष और बलिदान को सदैव याद रखा जाएगा।
कार्यक्रम में राज्य के कई मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।






