वाईबीएन विश्वविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया ‘व्यास पूजा उत्सव’, भारतीय ज्ञान परंपरा पर हुआ मंथन

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रांची, 4 अगस्त। वाई.बी.एन. विश्वविद्यालय, रांची के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) एवं भारतीय शिक्षण मंडल, झारखंड प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को विश्वविद्यालय के सम्मेलन सभागार में ‘व्यास पूजा उत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, गुरु-शिष्य परंपरा और भारतीय संस्कृति के संवाहक महर्षि वेदव्यास के ज्ञान एवं योगदान का स्मरण करते हुए शिक्षकों के प्रति सम्मान और भारतीय शिक्षा मूल्यों को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के चेयरमैन रामजी यादव रहे। मुख्य वक्ता एवं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सत्यदेव पोद्दार ने महर्षि वेदव्यास के जीवन, भारतीय संस्कृति में उनके अतुलनीय योगदान तथा गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था की आत्मा ज्ञान, संस्कार और नैतिक मूल्यों में निहित है तथा इन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

इस अवसर पर भारतीय शिक्षण मंडल, झारखंड प्रांत के प्रांत अध्यक्ष डॉ. रंजीत मिश्रा, प्रांत मंत्री डॉ. सुबास साहु तथा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रसिद्ध डॉ. चंदन कुमार पंकज (प्राचार्य, उदय मेमोरियल बी.एड. कॉलेज, रांची) भी मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने भारतीय ज्ञान परंपरा, महर्षि वेदव्यास की साहित्यिक एवं आध्यात्मिक विरासत तथा नई शिक्षा नीति के संदर्भ में भारतीय मूल्यों की प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम का सफल संयोजन विश्वविद्यालय की डीन (अकादमिक) डॉ. अर्पणा शर्मा ने किया। समारोह में विश्वविद्यालय के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया।

व्यास पूजा उत्सव के माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर भारतीय संस्कृति, शिक्षा और नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पण की भावना से ओत-प्रोत नजर आया।

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