रांची, 1 अगस्त 2026: जी डी गोयनका स्कूल, रांची में कारगिल विजय दिवस की स्मृति में “शहीदों का नमन” विषय पर एक गरिमामय एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कारगिल युद्ध के अमर शहीदों के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को नमन करते हुए विद्यार्थियों में देशप्रेम एवं राष्ट्रीय चेतना का संचार करना था।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि ब्रिगेडियर प्रदीप सेन गुप्ता थे। उनके साथ लेफ्टिनेंट कर्नल अमोश एवं कैप्टन स्वस्तिश पाण्डेय भी उपस्थित रहे। विद्यालय के चेयरमैन मदन सिंह, वाइस चेयरमैन अमन सिंह, प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार तथा हेड मिस्ट्रेस रुमा सेन गुप्ता ने पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ अमर शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
इसके बाद दो मिनट का मौन रखकर कारगिल के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत समूहगान, नृत्य-नाटिका एवं प्रेरणादायक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से शहीदों के अद्वितीय बलिदान को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। हर प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया और पूरे सभागार में राष्ट्रभक्ति का वातावरण बना रहा।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में ब्रिगेडियर प्रदीप सेन गुप्ता ने विद्यार्थियों से राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों के त्याग और समर्पण को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि नई पीढ़ी को सैनिकों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। साथ ही उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, “आज मैं जो कुछ भी हूं, वह अपने शिक्षकों की मेहनत और उनके मार्गदर्शन की वजह से हूं।”
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में देशभक्ति, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय मूल्यों को मजबूत करते हैं। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को शुभकामनाएं दीं।
प्रभावशाली एवं भावपूर्ण संचालन के बीच कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह आयोजन केवल कारगिल के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्र के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और समर्पण की भावना को सुदृढ़ करने का प्रेरक संदेश भी दे गया।






