रांची, 29 जुलाई। झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे संयुक्त अभियान में अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक हासिल की है। ऑपरेशन “दौरा पहाड़” के तहत भाकपा (माओवादी) के एकमात्र सक्रिय पोलित ब्यूरो सदस्य एवं 2 करोड़ 20 लाख रुपये के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुर्निमल को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके साथ संगठन के शीर्ष कमांडर 15 लाख रुपये के इनामी मेहनत उर्फ मोछु उर्फ विभीषण (RCM), गौरव उर्फ बिरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ (ACM) तथा दो अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई 28 जुलाई 2026 को धनबाद जिले के बरवड्डा थाना क्षेत्र के जंगलों में धनबाद जिला पुलिस, गिरिडीह जिला पुलिस एवं 209 कोबरा बटालियन के संयुक्त अभियान के दौरान की गई। गिरफ्तार माओवादियों के पास से तीन AK-47 राइफलें, आठ मैगजीन और 288 जिंदा गोलियां बरामद की गई हैं।
झारखंड पुलिस ने बताया कि राज्य में उग्रवाद के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियानों का यह बड़ा परिणाम है। इससे पहले 21 मई 2026 को झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर 27 माओवादी कमांडरों और दस्ता सदस्यों ने 18 हथियार और 2,987 गोलियों के साथ आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद 13 जुलाई को 20 लाख रुपये के इनामी शीर्ष कमांडर रविंद्र गंझु तथा 17 जुलाई को 25 लाख रुपये के इनामी अजय महतो उर्फ टाइगर की गिरफ्तारी हुई। वहीं 28 जुलाई को पुलिस मुख्यालय में 16 माओवादी कमांडरों एवं दस्ता सदस्यों ने 11 हथियार और 1,562 गोलियों के साथ आत्मसमर्पण किया था।
पुलिस मुख्यालय का कहना है कि लगातार आत्मसमर्पण, गिरफ्तारी और अभियानों के कारण झारखंड में भाकपा (माओवादी) संगठन की कमर लगभग टूट चुकी है। राज्य के शीर्ष नेतृत्व की गिरफ्तारी को माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
झारखंड पुलिस ने शेष बचे माओवादियों से अपील की है कि वे हिंसा, भय और उगाही का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटें तथा झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर सामान्य जीवन की शुरुआत करें।






