रांची, 25 अगस्त 2026: वाईबीएन विश्वविद्यालय के संगीत एवं प्रदर्शन कला विभाग ने IQAC के सहयोग से “श्रावण मास की सांस्कृतिक विरासत, साहित्य, कला एवं संगीत” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम 24 और 25 अगस्त 2026 को द अंजुरम ग्रैंड ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ।
🪔 शिव वंदना और कथक से हुई शुरुआत
कार्यशाला का शुभारंभ 24 अगस्त को दीप प्रज्ज्वलन, शिव वंदना और कथक स्वागत नृत्य के साथ हुआ। कार्यक्रम की मुख्य संरक्षक चेयरमैन रामजी यादव, संरक्षक कुलपति डॉ. सत्यदेव पोद्दार और सीएमडी डॉ. अंकिता यादव रहीं।
कार्यशाला की संयोजिका एवं संगीत एवं प्रदर्शन कला विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रूपा सिन्हा ने स्वागत भाषण दिया। उद्घाटन सत्र में डॉ. रूपा सिन्हा और संगीत की छात्रा मधुश्री द्वारा ‘वाइब्रेशनल हीलिंग’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
🎼 मल्हार, कजरी और सावन गीतों पर कार्यशाला
पहले दिन तकनीकी सत्र में मल्हार, कजरी, झूला और सावन गीतों पर शास्त्रीय गायन कार्यशाला हुई। इसमें डॉ. रूपा सिन्हा और डॉ. शीतल उरांव ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
मुख्य अतिथि पद्मश्री मधु मंसूरी ने विशेष व्याख्यान में सावन की सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डाला। वहीं डॉ. मधुमंती ने सावन की जैव-सांस्कृतिक कथा प्रस्तुत की।
🎵 ‘द वॉयस ऑफ सावन’ में संतूर की प्रस्तुति
कार्यशाला के दूसरे दिन प्रख्यात संतूर वादक एवं द्वितीय दादा साहेब फाल्के इंटरनेशनल मोटिवेशनल अवार्ड से सम्मानित चिरादिप सरकार ने ‘द वॉयस ऑफ सावन’ के तहत प्रस्तुति दी।
रांची विश्वविद्यालय की पूर्व संकायाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) सरस्वती मिश्रा ने सावन मास के सौंदर्यशास्त्रीय महत्व पर व्याख्यान दिया।
🌿 ‘सावन महोत्सव—रंग, राग, रौनक’ में दिखी लोक संस्कृति
दोपहर 12:30 बजे से शाम 4 बजे तक ‘सावन महोत्सव—रंग, राग, रौनक’ आयोजित किया गया। इसमें पारंपरिक खेल, नाटक, नृत्य, मेहंदी प्रतियोगिता और कला प्रतियोगिता प्रमुख आकर्षण रहे।
कार्यक्रम का संचालन मिस पिंकी और सुश्री निकिता तिवारी के नेतृत्व में किया गया।
विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से रांची और आसपास के सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों तथा सरकारी विभागों को आमंत्रित किया गया था। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
आयोजन समिति के अनुसार, कार्यशाला सांस्कृतिक चेतना, लोक परंपरा तथा कला-साहित्य के समन्वय की दिशा में एक सफल प्रयास रही।





