रामगढ़ पुलिस ने लॉन्च किया डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘PRISM’, FIR से Final Report तक होगी हर कांड की डिजिटल मॉनिटरिंग

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रामगढ़, 20 अगस्त 2026। लंबित आपराधिक कांडों के समयबद्ध निष्पादन, अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार और पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रामगढ़ पुलिस ने एक अभिनव डिजिटल पहल PRISM (Police Review of Investigation Status & Monitoring) की शुरुआत की है। पुलिस अधीक्षक रामगढ़ मुकेश कुमार लुनायत के नेतृत्व में विकसित इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का विधिवत शुभारंभ 20 अगस्त को किया गया।

“From FIR to Final Report – Under One Prism” की अवधारणा पर आधारित PRISM के माध्यम से किसी भी आपराधिक कांड में FIR दर्ज होने से लेकर अंतिम प्रतिवेदन अथवा आरोप-पत्र दाखिल होने तक अनुसंधान के प्रत्येक महत्वपूर्ण चरण की डिजिटल मॉनिटरिंग और समीक्षा की जाएगी।

पोर्टल पर प्राथमिकी, अनुसंधानकर्ता, कांड की प्रकृति, पर्यवेक्षण, प्रतिवेदन-02, प्रगति प्रतिवेदन, साक्ष्य संकलन, अभियुक्त की स्थिति, वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य सहित अनुसंधान से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की निगरानी की जाएगी। साथ ही 60/90 दिनों की वैधानिक समय-सीमा के भीतर कांड के निष्पादन और अंतिम प्रतिवेदन/आरोप-पत्र दाखिल होने की स्थिति पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।

PRISM के जरिए पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस निरीक्षक और थाना प्रभारी प्रत्येक कांड की प्रगति की नियमित समीक्षा कर सकेंगे। लंबित अनुसंधान बिंदुओं पर संबंधित अनुसंधानकर्ता को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए जा सकेंगे और निर्देशों के अनुपालन की भी डिजिटल स्तर पर निगरानी की जाएगी।

60/90 दिन वाले कांडों पर विशेष फोकस

रामगढ़ पुलिस ने PRISM के माध्यम से 60 और 90 दिनों की वैधानिक समय-सीमा वाले कांडों के त्वरित निष्पादन को विशेष प्राथमिकता दी है। इसके अलावा NCLI (New Criminal Laws Implementation) Portal पर जिले के प्रदर्शन में सुधार लाना भी इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।

PRISM में डिजिटल रिमाइंडर और मॉनिटरिंग मैकेनिज्म की सुविधा भी विकसित की गई है। वैधानिक समय-सीमा नजदीक आने पर संबंधित अनुसंधानकर्ता को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा सकेंगे, जिससे लंबित कार्रवाई समय रहते पूरी कराई जा सके।

पुलिस अधीक्षक रामगढ़ मुकेश कुमार लुनायत ने PRISM के शुभारंभ के अवसर पर कहा कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म FIR से लेकर Final Report तक प्रत्येक कांड की प्रगति को एकीकृत रूप से मॉनिटर करने में मदद करेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी कांड अनावश्यक रूप से लंबित न रहे और प्रत्येक अनुसंधानकर्ता एवं पर्यवेक्षी पदाधिकारी की समयबद्ध जवाबदेही तय हो।

रामगढ़ पुलिस के अनुसार, आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग के माध्यम से नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी, उत्तरदायी एवं परिणामोन्मुख पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में PRISM एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे अनुसंधान की गुणवत्ता, समयबद्धता और पर्यवेक्षण में सुधार के साथ न्याय प्रदान करने की प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

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