CBI जांच के नाम पर शिक्षा माफियाओं को बचाने की कोशिश का आरोप, दीपिका पांडेय सिंह ने केंद्र पर साधा निशाना

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रांची, 12 अगस्त 2026। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, रांची में आयोजित पत्रकार वार्ता में ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने देश में पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा माफियाओं को बचाने के लिए भाजपा CBI जांच का सहारा लेने की कोशिश कर रही है।

दीपिका पांडेय सिंह ने दावा किया कि वर्ष 2015 से अब तक देश में 152 पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि कम से कम 17 परीक्षा गड़बड़ी के मामलों की जांच CBI को सौंपी गई, लेकिन वर्ष 2015 के बाद CBI की जांच वाले मामलों में दोषसिद्धि का परिणाम लगभग शून्य रहा है।

मंत्री ने NEET-UG 2024, UGC-NET 2024, SSC CGL 2017, JEE Main 2021, WB SSC 2016, HP Police Constable 2022, Army CEE 2017 और Karnataka PSI 2021 समेत कई परीक्षा मामलों का उल्लेख करते हुए CBI की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने NEET-UG 2024 और UGC-NET 2024 की जांच को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि NEET-UG 2024 मामले में चार्जशीट दाखिल करने की समय-सीमा को लेकर सवाल उठे, जबकि UGC-NET 2024 मामले में CBI द्वारा क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया। जुलाई 2026 में फास्ट-ट्रैक कोर्ट को लेकर किए गए प्रचार पर भी मंत्री ने सवाल उठाते हुए दावा किया कि पहले ही दिन CBI का वकील अदालत में उपस्थित नहीं हुआ।

दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि वर्ष 2015 से अब तक परीक्षा गड़बड़ी से जुड़े मामलों में केवल एक दोषसिद्धि का उल्लेख किया जा सकता है, जो हरियाणा न्यायिक सेवा 2017 से संबंधित है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले की जांच CBI ने नहीं, बल्कि चंडीगढ़ SIT ने की थी।

झारखंड में परीक्षा गड़बड़ी पर कार्रवाई का दावा

मंत्री ने कहा कि झारखंड में गठबंधन सरकार द्वारा परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद छात्रों का आंदोलन सामने आया। उन्होंने भाजपा पर आंदोलन को राजनीतिक रंग देने और CBI जांच के नाम पर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।

उन्होंने बताया कि मामले में अब तक करीब 20 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। राहुल गांधी को लेकर भाजपा की राजनीति पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि जिन लोगों को कभी राहुल गांधी की चिंता नहीं थी, उनके सपनों में भी अब राहुल गांधी ही नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के खिलाफ चलाया जा रहा कथित षड्यंत्र अब कमजोर पड़ चुका है।

छात्रों से संवाद के जरिए समाधान की बात

रांची में चल रहे छात्र आंदोलन की तुलना दिल्ली के जंतर-मंतर के आंदोलन से करते हुए दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि दोनों परिस्थितियों में बड़ा अंतर है। उन्होंने दावा किया कि रांची में छात्रों पर दिल्ली की तरह बर्बर लाठीचार्ज नहीं किया गया और न ही छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

उन्होंने कहा कि भीड़ में शामिल उपद्रवियों को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई जरूर की है, लेकिन सरकार छात्रों के साथ संवाद के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि वार्ता के दौरान भी सरकार आंदोलनरत छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंतित है।

मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान करना है, न कि उनके आंदोलन को राजनीतिक रंग देना।

पत्रकार वार्ता में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की सहित झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

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