राँची :- वीबीएन विश्वविद्यालय में “Empowering Academia: Implementing the Vision of NEP 2020” विषय पर चार दिवसीय Knowledge Enhancement Programme का शुभारंभ शनिवार को हुआ। कार्यक्रम का आयोजन NEP समिति, YBN विश्वविद्यालय एवं स्कूल ऑफ साइंस के भौतिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, कुलगीत एवं स्वागत संबोधन के साथ हुई। इस अवसर पर YBN विश्वविद्यालय के चेयरमैन श्री राम जी यादव एवं कुलपति प्रो. (डॉ.) सत्यदेव पोद्दार ने अपने संदेश के माध्यम से कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षा व्यवस्था को अधिक समावेशी, कौशल आधारित, अनुसंधानपरक एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बदलते शैक्षणिक परिवेश में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, नवाचार और नई शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना आवश्यक है।
कार्यक्रम के प्रथम दिन डॉ. मनीष कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर एवं पूर्व विभागाध्यक्ष, मानविकी, सामाजिक विज्ञान एवं प्रबंधन विभाग, NIT जमशेदपुर ने “IKS: Bridging Ancient Wisdom with Contemporary Education” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा और समकालीन शिक्षा के बीच समन्वय की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
वहीं प्रो. (डॉ.) एच.एल. यादव, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, भौतिकी विभाग, NIT जमशेदपुर ने “Indian Physics and Astronomy” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने भारतीय विज्ञान एवं खगोल विज्ञान की समृद्ध परंपरा तथा उसके शैक्षणिक महत्व पर विचार साझा किए।
कार्यक्रम में शिक्षकों एवं अकादमिक समुदाय के बीच NEP-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, भारतीय ज्ञान प्रणाली, अनुसंधान, नवाचार और उच्च शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण बदलाव को लेकर विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम के दूसरे दिन, 10 अगस्त को NEP-2020 के ढांचे, क्रेडिट आधारित मूल्यांकन प्रणाली तथा SGPA एवं CGPA की गणना जैसे विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान होंगे। इसके अलावा डिजिटल शिक्षा के माध्यम से अकादमिक उत्कृष्टता बढ़ाने और शिक्षा में तकनीकी बदलाव की संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी। इन सत्रों को डॉ. आरती गुप्ता, डॉ. अनिल प्रसाद यादव एवं श्री सुमंत पुष्प सहित विशेषज्ञ संबोधित करेंगे।
तीसरे दिन, 11 अगस्त को NEP-2020 एवं आधुनिक भौतिकी, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) तथा NEP-2020 के समन्वय और तनाव नियंत्रण, सामाजिक-भावनात्मक परामर्श एवं शिक्षक मेंटरशिप जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा। सत्रों में डॉ. एस.पी. सिंह, डॉ. अजीत कुमार गोंड एवं डॉ. सोनिया रानी सहित विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।
इस कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा से लेकर डिजिटल शिक्षा, मूल्यांकन प्रणाली, विज्ञान, नवाचार, IPR और विद्यार्थी कल्याण तक NEP-2020 के व्यापक आयामों पर अकादमिक संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को NEP-2020 की भावना से जोड़ना तथा भारतीय ज्ञान परंपरा, आधुनिक तकनीक, अनुसंधान, नवाचार और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा को बढ़ावा देना है।






