रांची: झारखंड विधानसभा परिसर में मंगलवार को 77वां राज्यव्यापी वन महोत्सव-2026 आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हुए। दोनों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जल, जंगल, पहाड़, नदियां और समृद्ध प्राकृतिक संसाधन झारखंड की पहचान हैं। प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि वन महोत्सव को केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। लगाए गए पौधों की देखभाल, संरक्षण और संवर्धन भी उतना ही जरूरी है। आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य के लिए आज पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
विकास और पर्यावरण में संतुलन जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की प्रक्रिया में कई बार पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, जिससे प्राकृतिक संतुलन प्रभावित होता है और इसका असर मनुष्य के साथ-साथ पशु-पक्षियों पर भी पड़ता है। उन्होंने वृक्षों की कटाई, खनिज संसाधनों के दोहन, भू-जल के अत्यधिक निष्कर्षण और नदियों के प्रवाह में बदलाव को लेकर सजग रहने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय क्षति की भरपाई केवल पौधारोपण से संभव नहीं है। प्रकृति के साथ संतुलित व्यवहार अपनाना होगा, ताकि प्राकृतिक संसाधन आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित रह सकें।
वर्षा जल संचयन पर जोर
मुख्यमंत्री ने भविष्य में जल संकट की गंभीर चुनौती की आशंका जताते हुए वर्षा जल संचयन और उसे धरती में समाहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छोटे-बड़े सभी शहरों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और आम लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।
उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिया कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों में खाद देने, उनकी देखभाल और पोषण के लिए भी विशेष अभियान चलाए जाएं।
विधायकों के आवासीय परिसर में लगाए जाएंगे फलदार पौधे
मुख्यमंत्री ने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि विधायकों के आवासीय परिसरों में भी फलदार पौधों का रोपण कराया जाए। इसके लिए सभी विधायकों को फलदार पौधे उपलब्ध कराने की बात कही गई।
विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने भी वन महोत्सव के उद्देश्य और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने स्वागत संबोधन दिया।
इस अवसर पर मंत्री राधा कृष्ण किशोर, हफीजुल हसन, इरफान अंसारी, शिल्पी नेहा तिर्की, विधायकगण, वन विभाग के वरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।






